विविध रूपों में, अनेकों देशों, अनेकों भाषाओं में राम कथा का प्राप्त होना ही ये सिद्ध करता है कि राम पूरे विश्व के है और उनकी कीर्ति अपार है।

विश्व में अनेक देशों में रामायण के अलग अलग स्वरूप मिलते हैं। वाल्मीकि रामायण
आनंद रामायण
वशिष्ठ रामायण
याज्ञवल्क्य रामायण
रामचरितमानस
कंब रामायण,
कृत्तिवास रामायण,
अद्भुत रामायण, तत्वार्थ रामायण, संजीवनी रामायण, सर्वार्थ रामायण, उत्तर रामचरितम्, प्रतिमानाटकम्, राघवेन्द्र चरितम्, हनुमन्नाटकम्, रघुवंशम, अभिषेक नाटकम्, जानकी हरणं, राधेश्याम रामायण के अतिरिक्त
लोमश संहिता में रामायण
हनुमत् संहिता में रामायण
शुक संहिता,
बृहत्कौशल खंड,
भुशुण्डी रामायण,
अद्भुत रामायण,
विलंका रामायण(सारलादास कृतं उड़िया),
के साथ साथ

दशरथ जातकम्, अनामक जातकम्, दशरथ कहानम् आदि (बौद्ध ग्रन्थों में रामायण),

पउमचरिउ(21 ई.), विमलसूरि कृत रामायण(प्राकृत में), रविवेषणाचार्य कृत रामचरित(संस्कृत में), स्वयं भू कृत पउमचरिउ अपभ्रंश (नवम्, 21ई. ), अभिनव पम्पकृत(कन्नड़), रामचन्द्र चरित पुराण(11, 21ई.), गुणभद्र कृत रामायण (संस्कृत) तथा उत्तर पुराण (नवम् -21 ई. ) आदि (जैन ग्रन्थों में रामायण) के साथ साथ-

हिंदी भाषा में 11, मराठी भाषा में 8, बांग्ला भाषा में 25, तमिल भाषा में 12, तेलगू भाषा में 12 तथा उड़िया लिपि में 6 रामायण प्राप्त हैं।

“राम चरित शतकोटि अपारा” —-
सहस्रों करोड़ बार रामायण लिखी-गाई गई है।

अन्य देशों के उदाहरण देखें तो-

नेपाल में भानुभक्त कृत ‘नेपाली रामायण’,

भूटान में पदमपाहुस रामायण

श्री लंका में कुमार दास रचित “जानकी हरण” रामायण है (512-521ई.) तथा सिंहली भाषा में राम कथा “मलेराज़ की कथा” नाम से 700 bc)थी।

बर्मा में ‘रामवत्थु’ रामायण है।

चीन में यूतोकी रामयागन, इंडोचीन क्षेत्र में खमैर रामायण प्राप्त हुई।

तुर्की में खोतानी रामायण,

जावा में रामकैलिंग, सेरतराम, सैरीराम नाम से रामायण।

थाईलैंड में रामकियैन रामायण।

फिलीपींस की मारनव भाषा मे संकलित ‘मसलादिया लाबन’ है जो विकृत रामायण है।

इंडोनेशिया में सबसे प्राचीन शास्त्रीय भाषा कावी मे काकावीन द्वारा रचित ‘रामायण काकावीन’है।

कतर के दोहा में मुगल रामायण नाम से रामायण का अरेबिक अनुवाद जिसे हमीदा बानो ने अनुवाद कराया था, जो 16 मई 1594 को पूर्ण हुआ था।

मलेशिया के इस्लामीकरण के बाद 1633 में मलय रामायण की सबसे प्राचीन पांडुलिपि बोडलियन पुस्तकालय में संरक्षित कर दी गई थी। मलेशिया में ‘हिकायत सेरीराम’ रामायण है।

जापान में कथा संग्रह ग्रन्थ ‘होबुत्सुशू’ में राम कथा संकलित है।

मंगोलिया में अनेक रामायण प्राप्त हुई हैं। मंगोलियन भाषा मे लिखित चार रामायण दम्दिन सुरेन ने खोजी थीं। इनमें ‘राजा जीवक की कथा’ सबसे प्रसिद्ध है। वर्तमान में लेनिनगार्द में मंगोलियन रामायण सुरक्षित हैं।

तिब्बत में “किंरस-पुंस-पा” नाम से रामायण ।

इनके अतिरिक्त संसार भर से तीन सौ से अधिक रामायण प्राप्त हुई हैं।
अन्त में पुनः

“राम चरित शतकोटि अपारा।
श्रुति सारदा न बरने पारा ।।”

विविध रूपों में, अनेकों देशों, अनेकों भाषाओं में राम कथा का प्राप्त होना ही ये सिद्ध करता है कि राम पूरे विश्व के है और उनकी कीर्ति अपार है।

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